14 अप्रैल बैसाखी वाले दिन सिक्ख समाज और प्रशासन फिर हुए आमने सामने…. मामला गुरुद्वाराश्री ज्ञान गोदड़ी साहिब हर की पौड़ी हरिद्वार

बिक्रमजीत सिंह

हरिद्वार (संसार वाणी) दिनारपुर में ज्ञान गोदड़ी गुरुद्वारा स्थापना की मांग को लेकर मंगलवार का पथरी क्षेत्र के विभिन्न गांवों से हरकों पैड़ी कूच कर रहे सिख समाज के जत्थे को पुलिस ने डांडी चौक पर रोक दिया। इस दौरान सिखों और पुलिस के बीच हल्की नोकझोंक भी हुई। बाद में सिख समाज के प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन एसडीएम को सौंपकर प्रदर्शन समाप्त किया। मंगलवार सुबह गांव दिनारपुर, चिट्टी कोटी, शहदेवपुर, ऐशस्त, सुभाषगढ़ सहित आसपास के क्षेत्रों से दर्जनों सिख हरिद्वार स्थित हरकी पैड़ो जाने के लिए निकले थे। पुलिस को पूर्व सुबना मिलने पर पथरी थाना प्रभारी रविंद्र

कुमार ने सुबह से ही डांडी चौक पर पुलिस व पीएसी बल तैनात कर बैरिकेडिंग कर दी। जैसे ही सिख जत्था डांडी चौक पहुंचा, पुलिस ने उन्हें आगे बढ़ने से रोक दिया। इस दौरान जत्थे ने हरिद्वार जाने की अनुमति मांगी, लेकिन प्रशासन ने शांति व्यवस्था का हवाला देते हुए

आगे बढ़ने नहीं दिया। विरोध स्वरूप सिख समाज के लोगों ने सड़क पर धरना देते हुए सरकार और पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। काफी देर तक चले प्रदर्शन के बाद पुलिस और प्रशासनिक अधि कारियों के समझाने पर प्रदर्शनकारियों ने मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन एसडीएम मनजीत सिंह को सौंपा। ज्ञापन सौंपने के बाद जत्था शांतिपूर्वक वापस लौट गया। सिख समाज के लोगों का कहना है कि हर वर्ष ज्ञान गोदड़ी गुरुद्वारा स्थापना की मांग को लेकर वे हरिद्वार जाने का प्रयास करते हैं, लेकिन प्रशासन उन्हें डांडी चौक पर ही रोक देता है। हरिद्वार

जा रहे सिखों में सूबा सिंह ढिल्लों के नेतृत्व में भारतीय किसान यूनियन से जुड़े पदाधिकारी व कार्यकर्ता भी शामिल रहे। इनमें संजय चौधरी (गढ़‌वाल मंडल अध्यक्ष, भाकियू टिकैत), बाबा पंडित, सत्यपाल सिंह, सुखदेव सिंह, अनूप सिंह, हरभजन सिंह बाजवा, करमजीत सिंह, उज्जल सिंह, विक्रमजीत सिंह और लाहौरी सिंह समेत कई लोग मौजूद रहे। सीओ लक्सर देवेन्द्र सिंह नेगी ने चताया कि शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल तैनात किया गया था तथा सभी प्रदर्शनकारियों को डांडी चौक पर रोका गया। वहीं एसडीएम मनजीत सिंह ने बताया कि सिख समाज द्वारा गुरुद्वारा स्थापना की मांग को लेकर ज्ञापन दिया गया है, जिसे शासन तक पहुंचाया जाएगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!