बिक्रमजीत सिंह
हरिद्वार (संसार वाणी) उत्तराखण्ड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, नैनीताल के निर्देषानुसार माननीय जनपद न्यायाधीष/अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, हरिद्वार के आदेषानुसार आज दिनांक 22.08.2025 को विष्व वरिश्ठ नागरिक दिवस के उपलक्ष में बुजुर्गों के साथ वान प्रस्थ आश्रम, आर्यनगर चौक, ज्वालापुर हरिद्वार में एक जागरूकता षिविर का आयोजन किया गया। जिसमें जिला विधिक सेवा प्र्राधिकरण, हरिद्वार के सचिव, द्वारा वरिष्ठ नागरिको के लाभार्थ कानूनए नियम एवं योजनाओं से अवगत कराया गया जैसे वरिष्ठ नागरिकों को भी भारत के सविंधान के अनुच्छेद 21 में जीवन एवं स्वतंत्रता का अधिकार प्राप्त है और भारत के सविंधान का अनुच्छेद 41 यह प्राविधान करता है


कि राज्य किसी नागरीक के बुढापें या अन्य अभाव की दशाओं के लिए लोक सहायता पाने का पर्याप्त उपलब्ध करेगा। कोई भी ऐसे वरिष्ठ नागरीक जो अपना भरण पोषण करने में असमर्थ हो वह अपने व्यस्क संतान से दण्ड प्रक्रिया संहिता की धारा 125 के तहत भरण पोषण प्राप्त कर सकता है। जिनके लिए जहाँ पर पारिवारिक न्यायालय मौजूद है यहाँ परिवार न्यायालय में और जहाँ परिवार न्यायालय मौजूद नहीं है वहाँ सम्बन्धित क्षेत्र के न्यायिक मजिस्ट्रेट के न्यायालय में भरण.पोषण के लिए आवेदन पत्र प्रस्तुत कर सकता है। यदि कोई भी माता पिता या वरिष्ठ नागरिक माता पिता एवं वरिष्ठ नागरिक कल्याण अधि० 2007 के तहत अपनी ऐसी संतान या कानूनी वारिस जो भी स्थिति हो जो उनका भरण पोषण नहीं कर रही है। के विरूद्ध सम्बन्धित क्षेत्र के उपजिलाधिकारी के समक्ष भरण पोषण का प्रार्थना पत्र पेश कर सकता है जहाँ वकील की भी आवश्यकता नहीं है सम्बन्धित उपजिलाधिकारी ऐसे वरिष्ठ नागरिक या माता पिता को उनकी संतानोध्वारिसों से 10000 रूपये मासिक तक भरण पोषण दिला सकते हैं।


यदि वरिष्ठ नागरिक 60 वर्ष पूर्ण करने से पूर्व असंगठित क्षेत्र के श्रमिक के रूप में उत्तराखंड भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड के तहत पंजीकरत है तो ऐसे व्यक्ति को 60 वर्ष की आय के पश्चात 1000 रू० प्रति माह पेंशन का प्रावधान है तथा आयु 65 वर्ष होने पर उक्त पेंशन की धनराशि रू0 1500 हो जाएगी। ऐसे पेंशन भोगी की मृत्यु होने पर उनके उम्मरजीवी पति या पत्नी जो भी स्थिति हो को रू० 500 प्रति माह छमाही आधार पर परिवारिक पेंशन श्रम विभाग से मिलेगी । इसी के साथ समाज कल्याण अधिकारी, हरिद्वार द्वारा अपने विभाग द्वारा संचालित योजनाओ से अवगत कराया। इसी के साथ षिविर के अन्त मनोरंजन गतिविधियों का भी आयोजन किया गया जिसमें समस्त प्रतिभागियों का सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, हरिद्वार द्वारा पुरूस्कार भी दिया गया।